गर्भाधान से अन्त्येष्टि तक
षोडश संस्कार
सनातन जीवन के सोलह संस्कार — हर संस्कार का उद्देश्य, उसका शास्त्रीय समय, और जहाँ नियम स्पष्ट हैं वहाँ आने वाले शुभ मुहूर्त।
मुहूर्त
संस्कारों के शुभ मुहूर्त
टिप्पणी
- समय मनुस्मृति (अध्याय 2) के श्लोकों से लिया गया है, जिनका मिलान GRETIL के मूल पाठ से किया गया; जहाँ मनुस्मृति में समय नहीं बताया, वहाँ प्रचलित परम्परा लिखी है।
- मुहूर्त के नियम अलग-अलग ग्रन्थों और पंचांगों में थोड़े भिन्न हैं; यहाँ केवल वे नियम प्रयोग किए गए हैं जिन पर कम से कम दो स्रोत सहमत हैं। कर्णवेध, विद्यारम्भ और उपनयन के मुहूर्त अपने कुल-पुरोहित से निकलवाएँ।