शनि गोचर
शनि साढ़ेसाती एवं ढैय्या
अपनी चन्द्र राशि चुनें या जन्म विवरण दें — शनि के वास्तविक राशि-प्रवेश (वक्री होकर लौटने सहित) से साढ़ेसाती और ढैय्या की तिथियाँ।
या जन्म विवरण से
गणना के नियम
- साढ़ेसाती: जन्म के चन्द्रमा की राशि से बारहवीं, पहली (उसी राशि) और दूसरी राशि में शनि का गोचर — लगभग ढाई-ढाई वर्ष के तीन चरण।
- ढैय्या: चन्द्र राशि से चौथी (कण्टक) और आठवीं (अष्टम) राशि में शनि का गोचर।
- तिथियाँ शनि की निरयण (लाहिरी अयनांश) स्थिति से हैं; वक्री होकर पिछली राशि में लौटने के समय अलग पंक्ति में दिखाए गए हैं। अन्य पंचांगों से एक-दो दिन का अन्तर सम्भव है।
- फल का विचार पूरी कुण्डली (शनि की स्थिति, दशा, अष्टकवर्ग) देखकर किया जाता है; केवल साढ़ेसाती से शुभ-अशुभ का निर्णय नहीं होता।